सीखने के दृश्य श्रव्य उपकरणों में शैक्षिक भ्रमण एक प्रभावी साधन – डॉ भारती सिंह ( राणा प्रताप कॉलेज के बी एड विद्यार्थी शैक्षिक भ्रमण से लौटे )


सुल्तानपुर। राणा प्रताप पी जी कॉलेज के बी एड द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण के अंतर्गत आगरा, फतेहपुर सीकरी, मथुरा, वृंदावन का अध्ययन किया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डी के त्रिपाठी ने बताया कि शैक्षिक भ्रमण का मूल उद्देश्य छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है। सीखने की प्रक्रिया में छात्रों की सक्रिय भागीदारी के कारण अधिगम में बच्चों को प्रभावी ढंग से शामिल करने के लिए यह उपयुक्त उपकरण है। यह शैशिक भ्रमण डॉ संतोष कुमार सिंह अंश, डॉ सीमा सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ। विभागाध्यक्ष डॉ भारती सिंह ने बताया कि आज के मनोवैज्ञानिक युग में शिक्षण को अधिक से अधिक मनोरंजक, आकर्षक, रुचिकर तथा समाह्य बनाने का प्रयत्न शिक्षाशास्त्रियों द्वारा किया जा रहा है। विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न अनुसन्धानों से यह भी सिद्ध हुआ है कि जिस शिक्षण विधि में ज्ञानेन्द्रियों का जितना अधिक प्रयोग किया जाता है, उससे उतना ही अधिक प्रभावशाली शिक्षण होता है । इस दृष्टि से शिक्षा में नवीनतम उपकरणों, जैसे, दूरदर्शन, कम्प्यूटर आदि का प्रयोग तीव्रगति से किया जा रहा है। इन्हें दृश्य-श्रव्य उपकरण कहते हैं। शिक्षण के इन उपकरणों अथवा साधनों में से क्षेत्र भ्रमण अथवा शैक्षिक भ्रमण भी एक महत्त्वपूर्ण साधन है। डॉ संतोष सिंह अंश ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण का अर्थ है- विद्यालय की चहारदीवारी से बाहर शैक्षिक उद्देश्यों को प्राप्त करने एवं छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित करवाने की दृष्टि से किया जाने वाला भ्रमण क्षेत्र भ्रमण को शैक्षिक भ्रमण, शैक्षिक यात्रायें, सरस्वती यात्रायें तथा स्थानीय सर्वेक्षण आदि नामों से भी जाना जाता है। डॉ सीमा ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण में छात्रों को वास्तविक परिस्थिति में ले जाकर विषय का व्यावहारिक तथा प्रत्यक्ष ज्ञान दिया जाता है। एडगर डेल ऐसे प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने दश्य-श्रव्य सामग्री का उनकी प्रभावोत्पादकता के आधार पर वर्गीकरण किया। उनका मानना है कि दृश्य-श्रव्य सामग्रियों में से ऐसी सामग्रियों का शिक्षण में प्रयोग अधिक सफल रहता है, जिनमें दश्य व श्रव्य दोनों गुण हों, जैसे, दूरदर्शन, चलचित्र, अभिनय, शैक्षणिक भ्रमण आदि। विद्यार्थियों ने माना कि क़िताबों की दुनिया से बाहर निकलकर प्रत्यक्ष अनुभव करना अलग अनुभव रहा। इस टूर में अंजली श्रीवास्तव ,अलका सिंह ,श्रद्धा मोदनवाल, आकांक्षा कसेरा, शिवानी सिंह, पूजा वर्मा, प्रिया पाण्डेय, ज्योति तिवारी, ज्योति शुभा सिंह, हेमलता यादव, महिमा यादव, शिखा यादव ,शालिनी वर्मा ,संध्या मौर्य, नीतू यादव, कीर्ति सिंह, अंजली गुप्ता, हेमनंदनी, ज्योति वर्मा ,साक्षी सिंह, श्रद्धा तिवारी, साक्षी वर्मा, प्रिया सरोज, अंशिका सिंह, कोमल जायसवाल ,वैशाली सिंह, रंजू मिश्रा, लवली सिंह ,ज्योति यादव ,अतुल यादव ,अरबाज अहमद, आदित्य तिवारी, राम जी, शेषनाथ मिश्रा ,आकाश यादव ,पाण्डेय अंकित, शुभम सिंह ,अभय तिवारी ,अभिनव, निशांत कुमार पाण्डेय,सिद्धार्थ रघुवंशी आदि शामिल रहे।

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