श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का हुआ भावपूर्ण वर्णन, श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध
जगदीशपुर, अमेठी। ग्राम पूरे भगवान दीन, जगदीशपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के छठे दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास स्वामी परिपूर्णानंद यज्ञ सम्राट जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य एवं मनोहारी बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे।
कथा के दौरान स्वामी जी ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य परमात्मा की भक्ति और सत्संग है। भगवान का स्मरण एवं श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण व्यक्ति के जीवन को पवित्र बनाता है तथा उसे सांसारिक बंधनों से मुक्त कर मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने बताया कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता, प्रेम, करुणा और सदाचार का संदेश देने वाला आध्यात्मिक महायज्ञ है।
कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु पूरे मनोयोग से कथा का रसपान करते रहे और भजन-कीर्तन में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस पावन धार्मिक आयोजन के मुख्य आयोजक अमर तिवारी एवं सुनील तिवारी हैं, जिनके प्रयासों से क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार हो रहा है।
कार्यक्रम में श्री लाल माधव अवस्थी, रामदेव पांडे, अतुल अवस्थी, लवलेश तिवारी, पत्रकार कृष्ण मोहन, अनिल अवस्थी एवं अलमापुर निवासी अंकित तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
कथा स्थल पर देर शाम तक भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा तथा “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष से पूरा परिसर गुंजायमान रहा।



