अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच में गजानंद महाराज को मिली बड़ी जिम्मेदारी, अमेठी के जिलाध्यक्ष नियुक्त
अमेठी। जनपद अमेठी के लिए गौरव का विषय है कि सामाजिक, धार्मिक एवं राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले गजानंद महाराज को अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच का अमेठी जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठन के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सत्य सनातनी अखाड़ा के संस्थापक स्वामी स्वदेशानंद जी ब्रह्मगिरी महाराज ने यह महत्वपूर्ण दायित्व उन्हें सौंपा है।
जामों क्षेत्र के बधैयापुर गांव निवासी गजानंद महाराज लंबे समय से हिंदू समाज, सनातन संस्कृति और जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय हैं। बचपन से ही आध्यात्मिक प्रवृत्ति एवं राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें समाज में एक अलग पहचान दिलाई है। शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने मुंबई में रहकर सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा विभिन्न धार्मिक एवं राष्ट्रवादी संगठनों के साथ मिलकर कार्य किया।
गजानंद महाराज की समाज सेवा, धार्मिक जागरण एवं संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें पहले भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा चुकी हैं। वर्तमान में वे श्री राम सेना (राम कृष्ण संघ) में राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष, अयोध्या के पद पर भी कार्यरत हैं।
नवीन दायित्व मिलने पर गजानंद महाराज ने संगठन नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज और धर्म के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को और अधिक बढ़ाने वाला अवसर है। उन्होंने कहा कि वे संगठन की विचारधारा के अनुरूप जनकल्याण, सामाजिक समरसता, धार्मिक जागरूकता एवं राष्ट्रहित के कार्यों को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की एकता आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। समाज में जाति-पांति और भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होकर राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के पीड़ित, शोषित और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना संत समाज का प्रथम कर्तव्य है और वे इस दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।
गजानंद महाराज की नियुक्ति पर क्षेत्र के संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की है।




