जिलाधिकारी ने की ‘नन्दबाबा दुग्ध मिशन‘ के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु गठित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक, दिए निर्देश
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना का पशुपालक उठाएं लाभ……..जिलाधिकारी
अमेठी। जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र की अध्यक्षता में ‘नन्दबाबा दुग्ध मिशन‘ के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु गठित डिस्ट्रिक्ट एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना, नन्दबाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत स्वदेशी गायों में नश्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि हेतु सरकार द्वारा चलायी जा रही। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन एवं प्रचार-प्रसार के संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश देते हुये कहा कि विभागीय अधिकारीगण एवं कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के सम्बन्ध में पशुपालकों को विस्तार से जानकारी देते हुये उन्हें योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित करें। जिलाधिकारी द्वारा जनपद में कार्य कर रहे विभिन्न दूध उत्पादक संगठन के बारे में भी जानकारी ली गई। बैठक में उप दुग्धशाला विकास अधिकारी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि योजना का उद्देश्य जनपद में उच्च गुणवत्ता एवं उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्ल की गायों को पालने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पशुपालकों को गायों की नस्ल सुधार, उनकी बेहतर देखभाल, गुणवत्तायुक्त पोषण एवं स्वास्थ्य प्रतिरक्षा के लिये प्रेरित करना एवं जनपद में दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि करके पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना’ के अन्तर्गत चयनोपरान्त प्रगतिशील पशुपालक जिन्होंने देशी नस्ल की साहीवाल, गिर, थारपारकर, हरियाणा, गंगातीरी गायों का पालन किया है तथा प्रतिदिन 8 से 12 किग्रा तक दूध दे रही हैं, ऐसे पशुपालकों को प्रोत्साहन स्वरूप 10000 रुपए एवं 12 किग्रा से अधिक दूध देने वाली उक्त नस्लों के गायों के पशुपालकों को 15000 रुपए प्रोत्साहन धनराशि दिया जायेगा। इसी प्रकार प्रगतिशील पशुपालक जिन्होंने हरियाणा एवं गंगातीरी नश्लों की गायों का पालन किया है तथा प्रतिदिन 7 से 10 किग्रा, दुग्ध उत्पादन देने वाली ऐसे पशुपालकों को 10000 रुपए एवं 10 किग्रा से अधिक दूध देने वाली गायों के पशुपालकों को 15000 रुपए प्रोत्साहन स्वरुप दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि एक गाय के जीवन काल में केवल एक बार प्रोत्साहन का लाभ पशुपालक को प्रदान किया जाएगा, उक्त पुरस्कार गायों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय ब्यात के लिए मान्य होंगे, प्रगतिशील गौपालक को अधिकतम दो गाय प्रति पशुपालक के लिए केवल एक बार प्रोत्साहन का लाभ दिया जाएगा। योजना केवल व्यक्तिगत लाभार्थी हेतु अनुमान्य है। उन्होंने बताया कि उक्त योजना में पात्र आवेदक को आवेदन पत्र गाय की ब्यात की तिथि से 45 दिन के अंदर प्रस्तुत करना होगा, उक्त योजना में आवेदन करने हेतु प्रारूप विभाग की वेबसाइट https://updairydevlopment.gov.in तथा http://www.animalhusb.upsdc.gov.in/en तथा आवेदन पत्र मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, दुग्धशाला विकास अधिकारी, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध हैं इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उक्त योजना अथवा आवेदन से संबंधित अधिक जानकारी हेतु जनपद के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं, योजना हेतु आवेदन 20 सितंबर से प्रारंभ है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा, जिला विकास अधिकारी तेज भान सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नीरज श्रीवास्तव सहित समिति के सदस्य तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




