लखनऊ पुलिस की बड़ी कामयाबी: अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, चार शातिर गिरफ्तार
राकेश कुमार मिश्रा, संवाददाता
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पुलिस कमिश्नरेट दक्षिणी जोन की थाना सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित कॉर्पोरेट साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी कंपनियां बनाकर कॉर्पोरेट बैंक खाते खुलवाते थे और साइबर ठगी से प्राप्त करोड़ों रुपये की धनराशि का लेन-देन करते थे।
पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र स्थित लाइट हाउस, आवास विकास योजना के एक फ्लैट में कुछ लोग साइबर फ्रॉड से जुड़ी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर चार आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि आरोपी अनजान लोगों के केवाईसी दस्तावेज हासिल कर उनके नाम पर फर्जी कंपनियां पंजीकृत कराते थे। इसके बाद उन्हीं कंपनियों के नाम से कॉर्पोरेट बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि इन खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। बाद में रकम को विभिन्न खातों में भेजकर चेकबुक, एटीएम कार्ड और पीओएस मशीनों के माध्यम से नकद निकाल लिया जाता था तथा कमीशन के आधार पर गिरोह के सदस्यों में बांट दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार गिरोह पूरी तरह डिजिटल तरीके से संचालित होता था। इसके हैंडलर व्हाट्सएप ग्रुप और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से खातों का संचालन करते थे, जबकि स्थानीय सदस्य ओटीपी प्रबंधन, नकदी निकासी और धनराशि के वितरण का कार्य संभालते थे। इसके लिए कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग किया जाता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान उन्नाव निवासी सत्येंद्र सविता तथा बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी निपुण कुमार, मनीष कुमार और सन्नी कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन एनसीआरपी पोर्टल पर 718 शिकायतें दर्ज हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 79 चेकबुक, 77 एटीएम कार्ड, 15 एंड्रॉयड मोबाइल, 14 कीपैड मोबाइल, 29 सिम कार्ड, 6 पीओएस मशीनें, 3 लैपटॉप, 3 आईकार्ड, 6 स्टांप सील तथा विभिन्न कंपनियों के दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।



