भक्ति ही भगवान की कृपा प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन : शुभम शास्त्री
जामों/अमेठी। विकास खंड जामों मुख्यालय के निकट स्थित ग्राम पूरे धाराधरी में 19 जून से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान उद्धव ब्रजगमन एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथावाचक पंडित शुभम शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि भक्ति ही भगवान की कृपा प्राप्ति का मूल स्रोत है। उन्होंने बताया कि मनुष्य के जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक विचारों का निरंतर संघर्ष चलता रहता है। जब व्यक्ति धैर्य, संयम और सच्ची भक्ति के माध्यम से अपने भीतर के विष रूपी अहंकार, द्वेष और नकारात्मकता का त्याग कर देता है, तब उसे अमृत रूपी ज्ञान और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, प्रेम, करुणा और सेवा के मार्ग पर अग्रसर करने वाला दिव्य मार्गदर्शक ग्रंथ है। कथा के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को संस्कारित एवं सार्थक बना सकता है।
कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा श्रवण किया और धार्मिक वातावरण का आनंद लिया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों में शत्रुघ्न मिश्रा, नंद कुमार तिवारी, राजकुमार दुबे, प्रधान सत्यदेव मिश्रा, बंशीधर दुबे, राहुल दुबे, रामनारायण दुबे तथा संदीप दुबे सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जिला संवाददाता : ओम नारायण मिश्रा, अमेठी




