सपेरा, जोगी और चेरो जाति को भी मिला मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ, निराश्रित विधवा महिलाओं की आयु सीमा बढ़ी
लखनऊ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार समाज के हर जरूरतमंद वर्ग के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता की प्राथमिकता श्रेणी में अब सपेरा (विमुक्त जाति) और जोगी जाति (अन्य पिछड़ा वर्ग) को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही चंदौली जनपद के चेरो परिवारों को भी योजना के अंतर्गत प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि निराश्रित विधवा महिलाओं की आयु सीमा 40 से बढ़ाकर 50 वर्ष कर दी गई है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम मिशन शक्ति की दिशा में मातृशक्ति को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन देने वाला क्रांतिकारी निर्णय है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत अब तक 3.73 लाख से अधिक परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जा चुका है, जिनमें 3.55 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो गया है। लाभार्थियों में मुसहर, कोल, दिव्यांगजन, दैवीय आपदा से प्रभावित लोग और निराश्रित महिलाएँ प्रमुख हैं।
उप मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए पात्र परिवारों को शीघ्रता से आवास स्वीकृत कराकर निर्माण पूरा कराया जाए, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।




