
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान को लेकर हंगामा मचा हुआ है। भाजपा समेत कई दलों के नेताओं ने उदयनिधि के बयान की आलोचना की है। इस बीच राजद सांसद मनोज झा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मनोज झा ने कहा कि मैं समझता हूं कि कभी-कभी हम लोगों को प्रतीक मुहावरों के अंदर जाकर सोचना होगा। हिंदुस्तान का एक मिजाज रहा है।
- उदयनिधि स्टालिन के बिगड़े बोल पर बोले RJD सांसद मनोज झा।
- कबीर के दोहे का जिक्र कर मनोज झा ने जाति-व्यवस्था पर उठाए सवाल।
- मनोज झा बोले- क्या जाति व्यवस्था अच्छी चीज है
नई दिल्ली, एजेंसी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान को लेकर हंगामा मचा हुआ है। भाजपा समेत कई दलों के नेताओं ने उदयनिधि के बयान की आलोचना की है। इस बीच राजद सांसद मनोज झा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
मनोज झा ने किया कबीर के दोहे का जिक्र
सांसद मनोज झा ने कहा कि मैं समझता हूं कि कभी-कभी हम लोगों को प्रतीक मुहावरों के अंदर जाकर सोचना होगा। हिंदुस्तान का एक मिजाज रहा है, कई लोगों के सनातन में कई सारी विकृतियां हैं। क्या जाति व्यवस्था अच्छी चीज है। उन्होंने कबीर के एक दोहे का जिक्र करते हुए कहा कि इस देश में कबीर ने कई दोहे कहे, क्या आप उन्हें फांसी पर चढ़ा देंगे।
उदयनिधि ने क्या कहा था?
दरअसल, तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ‘सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म मलेरिया और डेंगू की तरह है और इसलिए इसे खत्म किया जाना चाहिए।
तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष ने उठाए उदयनिधि पर सवाल
वहीं, तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन की विवादित टिप्पणी पर तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म शब्द ईसाई धर्म या इस्लामिक धर्म आने से पहले भी था। ‘सनातन धर्म’ का अर्थ है शाश्वत, कालातीत धर्म। यह लंबे समय से है।
उन्होंने उदयनिधि के विवादित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कल जो उन्होंने कहा है। देश के 142 करोड़ लोगों को उनकी निंदा करनी चाहिए क्योंकि एक विशेष धर्म के प्रति नफरत देखने को मिली है। ‘सनातन धर्म’ को समाप्त करने वाले उदयनिधि स्टालिन कौन हैं।




