रिपोर्ट/सह-संपादक विनायक गिरि अमेठी सुमन हिन्दी न्यूज यूपी

बाराबंकी। संविधान दिवस के अवसर पर जनपद न्यायालय बाराबंकी के सभागार में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष प्रतिभा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सभी न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रतिभा श्रीवास्तव ने संविधान को भारत का पवित्र दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह केवल नियमों का संग्रह नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों, कर्तव्यों, स्वतंत्रता और न्याय की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने मौलिक अधिकारों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान ने हर भारतीय को समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे अहम अधिकार प्रदान किए हैं, जो नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार देते हैं।
उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जा रही निःशुल्क कानूनी सहायता, लोक अदालतें तथा कमजोर वर्गों तक न्याय पहुंचाने की सेवाओं की भी सराहना की।
इस अवसर पर जिला जज प्रथम विनय कुमार सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान दिवस हम सभी को यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम संविधान की मर्यादा और मूल्यों का सम्मान करेंगे तथा देश की एकता, न्याय और समानता की रक्षा करेंगे। अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी अपने-अपने विचार रखते हुए संविधान के महत्व और नागरिक दायित्वों पर प्रकाश डाला।
जनपद न्यायाधीश के निर्देशन में विभिन्न विधि महाविद्यालयों में भी संविधान दिवस पर विधिक साक्षरता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अवध लॉ कॉलेज बाराबंकी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जनपद न्यायाधीश श्रीकृष्ण चंद्र सिंह की अध्यक्षता में विधिक जागरूकता शिविर हुआ, जिसमें कॉलेज अध्यक्ष ऋषि गोयल, वाइस चेयरमैन डॉ. रितु गोयल , प्राचार्य डॉ. एस. बी. सिंह, लीगल एड प्रभारी ललकुश वर्मा, तहसीलदार महिमा मिश्रा, डॉ. सुमन सिंह, अधिवक्ता सत्येंद्र, समाजसेवी अनुप कुमार सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सचिव श्रीकृष्ण चंद्र सिंह ने कहा कि 26 नवंबर 1949 का दिन भारतीय लोकतंत्र की नींव रखने वाला ऐतिहासिक दिवस है। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति को बिना उचित आधार के गिरफ्तार नहीं किया जा सकता, हर नागरिक को कानूनी सहायता पाने का अधिकार है और संविधान सभी को भेदभाव से सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने विभिन्न कानूनी जागरूकता अभियानों और महिला, बाल तथा वरिष्ठ नागरिक संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी दी।



