रिपोर्ट/सह-संपादक विनायक गिरि अमेठी सुमन हिन्दी न्यूज यूपी


बाराबंकी-यह सुनकर अचंभा होगा कि स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंडिया के इस दौर में जिले का एक गांव अब भी ढिबरी व मोमबत्ती की रोशनी के सहारे है आजादी के 77 साल बाद भी जिले के जहांगीराबाद क्षेत्र के गडरियन पुरवा गांव में अभी तक बिजली के बल्ब की रोशनी नहीं पहुंची बचपन से गांव में बिजली आने का इंतजार कर रहे लोगों का सपना बुढ़ापे तक अधूरा ही है जहांगीराबाद क्षेत्र का यह गांव शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है यहां के बच्चे ढिबरी युग से पढ़ बढ़ रहे हैं बिजली के बल्ब की रोशनी का इंतजार कर रहे यहां के बुजुर्गों को उम्मीद है कि शायद उनके बच्चों को बिजली की सुविधा मयस्सर हो सकेगी जहांगीराबाद क्षेत्र के गडरियन पुरवा मजरे रसूलपुर किदवई गांव के लोग आज भी अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं करीब पांच सौ आबादी वाला यह गांव आजादी के 77 साल बीत जाने के बाद भी विकास कार्यों से कोसों दूर है बिजली की सुविधा के लिए गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री से लेकर तहसील दिवस तक में कई बार गुहार लगाई लेकिन अभी तक इस समस्या को दूर कराने का कोई प्रयास नहीं हुआ किसी तरह से सोलर पैनल लगा पूरा किया कोरम:वर्ष 2017 में गांव में कुछ जगह बिजली के खंबे लगाए गए इसके बाद किसी ने मुड़कर नहीं देखा जब से यह गांव बसा है तब से आज तक विद्युतीकरण नहीं हो सका गांव में अंधेरा दूर करने व सरकारी योजनाओं को अमल में दिखाने के नाम पर बस कुछ सोलर पैनल जरूर लगा दिए गए हैं यहां भी दो मजरों में नहीं हो सका है विद्युतीकरण त्रिवेदीगंज: त्रिवेदीगंज क्षेत्र के सराय पांडेय ग्राम पंचायत के दो मजरों गुलजार पुरवा व सराय पांडेय में भी अभी तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है वर्ष 2015-16 हर घर बिजली पहुंचाने का काम शुरू हुआ था।




