पहली बार: मुख्यमंत्री संग दो उपमुख्यमंत्रियों का संगम स्नान, सनातन परंपरा और नेतृत्व का अद्भुत संग

पहली बार: मुख्यमंत्री संग दो उपमुख्यमंत्रियों का संगम स्नान, सनातन परंपरा और नेतृत्व का अद्भुत संग

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की राजनीति और अध्यात्म का ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दोनों उपमुख्यमंत्रियों—केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ डुबकी लगाई, तो यह केवल आस्था का नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और नेतृत्व का भी संगम बन गया। जैसे ही तीनों नेताओं ने स्नान किया, चारों ओर हर-हर गंगे और जय श्रीराम के उद्घोष गूंज उठे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केवल एक साधु या राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं। उनका जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्रसेवा की अद्भुत मिसाल है। पंचूर गाँव, गढ़वाल (उत्तराखंड) में जन्मे योगी आदित्यनाथ का असली नाम अजय मोहन बिष्ट है। गणित के स्वर्ण पदक विजेता योगी जी भारतीय सेना की गोरखा रेजीमेंट के आध्यात्मिक गुरु भी हैं।

योगी आदित्यनाथ का जीवन सादगी और अनुशासन का पर्याय है। वे रोज़ाना सुबह 3:30 बजे उठते हैं और केवल 4 घंटे की नींद लेते हैं। पूर्ण शाकाहारी होने के साथ ही वे केवल कंद, मूल, फल और देशी गाय का दूध ग्रहण करते हैं। उनके पास कोई निजी संपत्ति नहीं है, वेतन का बड़ा हिस्सा राहत कोष में दान कर देते हैं। उनकी जीवनशैली इतनी सरल है कि वे एक लकड़ी के तख्त पर सोते हैं, जहां न एसी है, न ही कोई आरामदायक गद्दा।

मार्शल आर्ट में निपुण योगी आदित्यनाथ ने चार लोगों को एक साथ हराने का रिकॉर्ड बनाया है। वे एक कुशल तैराक भी हैं और कई विशाल नदियों को पार कर चुके हैं। कंप्यूटर और गणना में उनकी दक्षता ऐसी है कि प्रसिद्ध गणितज्ञ शकुंतला देवी भी उनकी प्रशंसा कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संगम स्नान यह प्रमाणित करता है कि सनातन संस्कृति और सुशासन एक साथ चल सकते हैं। क्या भारत के अन्य मुख्यमंत्री भी ऐसा नेतृत्व और सादगी दिखा सकते हैं? यह दृश्य देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।

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