दुर्गा पूजा पंडाल व मूर्ति रखने को लेकर दो पक्ष आपस मे भिड़े

दुर्गा पूजा पंडाल व मूर्ति रखने को लेकर दो पक्ष आपस मे भिड़े

लगभग एक दर्जन से अधिक लोग घायल

 

अमेठी। जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में सोमवार की सुबह मूर्ति स्थापना को लेकर दो पक्षों में शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। लाठी-डंडों से हुई इस झड़प में दोनों ओर से एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया, लेकिन पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद हालात काबू में आ गए। सभी घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जगदीशपुर ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

गूलर का पेड़ बना विवाद की जड़

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र यादव ने बताया कि गांव के एक मंदिर में मूर्ति के पास एक गूलर का पेड़ था। मूर्ति स्थापना की प्रक्रिया के दौरान पेड़ को काटने का मुद्दा उठा। एक पक्ष ने पेड़ हटाने पर जोर दिया, जबकि दूसरा पक्ष इसके विरोध में था। इसी बात को लेकर दोनों ओर से कहासुनी शुरू हुई और विवाद अचानक मारपीट में बदल गया।

कौन-कौन घायल हुए

इस घटना में पहले पक्ष से अमित सरोज (20), गया बक्स सिंह (40), तेज बहादुर सिंह (73), अनीत सिंह (30), मंगल सरोज (60) घायल हो गए। वहीं, दूसरे पक्ष से जगप्रसाद यादव (60), दिनेश यादव (40), दुर्गेश यादव (35), धर्मेंद्र यादव (26), यशवंत यादव (20), श्रावण यादव (21) और समीर यादव (26) को चोटें आईं। सभी को सीएचसी जगदीशपुर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों को मामूली चोटें आई हैं और सभी खतरे से बाहर हैं।

सूचना मिलते ही जगदीशपुर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई और किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया। इंस्पेक्टर धीरेन्द्र यादव ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और शांति भंग करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा। दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे को दोषी ठहराते नजर आए। घायलों के परिजन सीएचसी में देर रात तक इलाज के लिए परेशान दिखे। घायल तेज बहादुर सिंह के बेटे ने आरोप लगाया कि बिना वजह मारपीट की गई, जबकि दूसरे पक्ष के परिजन इसे अपनी मजबूरी बता रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस नहीं पहुंचती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

सामुदायिक सौहार्द पर असर

स्थानीय लोगों के मुताबिक, मोहम्मदपुर गांव में पहले कभी इस तरह का विवाद नहीं हुआ था। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि धार्मिक स्थल पर पेड़ काटने का मुद्दा सामुदायिक सौहार्द पर असर डाल सकता है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द दोनों पक्षों को आपसी समझौते के जरिए शांत कराया जाए।

प्रशासन की सतर्कता

पुलिस ने घटना के बाद गांव में गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी पक्ष को माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। स्वास्थ्य विभाग ने भी कहा है कि सभी घायलों का उचित इलाज किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।

निष्कर्ष

मूर्ति स्थापना के साथ जुड़े इस विवाद ने गांव में तनाव जरूर पैदा कर दिया है, लेकिन पुलिस की तत्परता से हालात बिगड़ने से बच गए। फिलहाल, सभी घायलों का उपचार जारी है और गांव में माहौल सामान्य करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के विवाद से बचने के लिए भविष्य में प्रशासन को पहले से ही एहतियाती कदम उठाने चाहिए।

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