एसजीपीजीआई का 29वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश दिया
संवाददाता – गंगेश पाठक
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाध्यक्ष श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ का 29वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ। राज्यपाल ने कुल 415 उपाधियाँ प्रदान कीं और रायबरेली जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु 300 किट वितरित किए।
राज्यपाल ने उपाधिधारकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ते हुए सदैव समाज और देश की सेवा के प्रति समर्पित रहना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सेवा करें। प्रत्येक मरीज को त्वरित सुविधा मिले और कोई भी ग्रामीण निराश न लौटे। राज्यपाल ने यह भी कहा कि हर डॉक्टर को अपनी नौकरी के कम से कम तीन वर्ष गाँव में रहकर सेवा करनी चाहिए और यदि निजी अस्पताल स्थापित करें तो हर वर्ष पाँच मरीजों का निःशुल्क इलाज करने का संकल्प लें।
उन्होंने शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता पर बल देते हुए कहा कि राज्य विश्वविद्यालय सीमित संसाधनों में भी सराहनीय कार्य कर रहे हैं और अब समय आ गया है कि वे विश्व स्तर की रैंकिंग में भी स्थान प्राप्त करें। उन्होंने आंगनबाड़ी से लेकर विश्वविद्यालय तक शिक्षा की सुदृढ़ कड़ी को प्रदेश की बड़ी उपलब्धि बताया।
समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. डी. नागेश्वर रेड्डी, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और राज्यमंत्री चिकित्सा शिक्षा मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं और चिकित्सा सेवा को मानवता के साथ जोड़ने पर बल दिया। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों व संकाय सदस्यों को सम्मानित किया गया और पुस्तकों का विमोचन भी हुआ।
इस अवसर पर निदेशक प्रो. राधा कृष्ण धीमन ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में कुलसचिव, कार्यपरिषद एवं विद्यापरिषद के सदस्य, संकायाध्यक्ष, शिक्षकगण, अभिभावकगण, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाँ, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ तथा गणमान्यजन उपस्थित रहे।




