नूंह में हिंसा के अहम किरदार बताए जा रहे मोनू मानेसर की गिरफ्तारी की डिमांड तेज हो गई है। बुधवार को हिसार में हरियाणा के 30 खाप, संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं, किसान संगठनों और विभिन्न धर्मों के लोगों की महापंचायत हुई। इसमें नूंह हिंसा को लेकर कई प्रस्ताव पास किए गए। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सुरेश कोठ की अगुआई में हुई महापंचायत में हिसार, जिंद, कैथर, करनाल, भिवानी और फतेहाबाद जैसे जिलों के लोगों ने हिस्सा लिया। महापंचायत में नूंह में दोबारा शांति स्थापित करने को लेकर चर्चा की गई और भड़काऊ नारेबाजी, भाषण देने वालों को चेताया गया।
महापंचायत में सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पास किए गए, जिनमें गौरक्षक मोनू मानेसर और बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी की मांग भी शामिल है। आरोप है कि मोनू और बजरंगी ने ब्रजमंडल यात्रा में शामिल होने का ऐलान करते हुए मुस्लिम समुदाय को चुनौती दी थी और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। हालांकि, हिंसा के तुरंत बाद हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने मोनू मानेसर की भूमिका को नकार दिया था। उन्होंने कहा था कि यह यात्रा हर साल की तरह शांतिपूर्वक निकल रही थी और अचानक इस पर हमला किया गया। बाद में पुलिस ने मोनू मानेसर की भूमिका की जांच की बात कही थी। इस साल फरवरी में राजस्थान के भरतपुर निवासी पशु व्यापारी नासिर और जुनैद की गोतस्करी के शक में हत्या कर दी गई। इस केस में मोनू मानसेर का नाम आने के बाद से मुस्लिम समुदाय में उसके खिलाफ आक्रोश था।



